पिपलाद अवतार
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| पिपलाद अवतार |
मानव जीवन में भगवान शिव के पिपलाद अवतार का बड़ा महत्व है। भगवान शिव ने ऋषि दधिची के घर में पिपलाद के रूप में जन्म लिया। लेकिन पिपलाद का जन्म होने से पहले ऋषि दधिची अपने से घर चले गए थे। जब पिपलाद बड़ा हुआ तो उन्हेंने देवताओं से पूछा- क्या कारण है, कि मेरे पिता दधीचि जन्म से पूर्व ही मुझे छोड़कर चले गए थे। देवताओं ने बताया शनि की खराब ग्रहों की स्थिति के कारण आपके घर छोड़ कर चले गए थे। पिपलाद यह सुनकर बड़े क्रोधित हुए। इसलिए, पिपलाद ने शनि को नक्षत्र मंडल से गिरने का शाप दे दिया और इस प्रकार शनि अपने स्वर्गीय निवास से नीचे गिरने लगे। देवताओं की प्रार्थना पर पिपलाद ने शनि को इस बात पर क्षमा किया कि शनि जन्म से लेकर 16 साल तक की आयु तक किसी को कष्ट नहीं देंगे। इस प्रकार भगवान शिव के अवतार पिपलाद का स्मरण करने मात्र से शनि की पीड़ा दूर हो जाती है। शिव पुराण के अनुसार, भगवान ब्रह्मा ने भगवान शिव के इस पिपलाद अवतार का नाम दिया था।
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